21. जन्मदिन 

जिन्दगी के हर बात से परेशान था 

दिल में पता नहीं किस बात का अरमान था 

एक वेश्या के जिस्म के साथ एक अजीब सौदा हो गया 

उसकी आग में जल के एक नया कवि पैदा हो गया 

Advertisements